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प्रगतिशील किसान

किसानों के लिए पुरस्कार और साथ ही 2 लाख रुपए तक दिए जाएंगे, जानें कैसे

किसानों के लिए पुरस्कार और साथ ही 2 लाख रुपए तक दिए जाएंगे, जानें कैसे

किसानों के लिए डाॅ खूबचंद बघेल पुरस्कार और साथ ही 2 लाख रुपए तक दिए जाएंगे

छत्तीसगढ़ सरकार प्रगतिशील किसानों को प्रोहोत्साहित करने के लिए डाॅ खूबचंद बघेल पुरस्कार देने जा रही है. भारत एक ऐसा देश है जहां पर आधी से ज्यादा जनसंख्या खेती पर निर्भर है, और आधी आबादी खेती के लिए तकनीकी प्रयोग कर खेती को आसान और फायदेमंद बना रहे है. ये किसान अपने अद्भुत प्रयोगों से किसानों के लिए मददगार साबित हुए है. इन किसानों को प्रगतिशील किसान कहा जाता है.

डाॅ खूबचंद बघेल पुरस्कार के लिए प्रतियोगिता

31 जुलाई तक किसान इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते है. इस पुरस्कार को पाने के लिए बहुत से किसान आवेदन करेंगे पर सबको पुरस्कार तो सरकार न दे पाएगी. इस वजह से एक प्रतियोगिता होगी. इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतियोगी को कम से कम पिछले 10 वर्षो से कृषि का कार्य में होना चाहिए, छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और न्यूनतम 75% तक आय कृषि से होनी चाहिए. ये प्रतियोगिता प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ - साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए है.

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पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करे

इस पुरस्कार के आवेदन के लिए आप किसान कृषि कार्यालय से फॉर्म भरकर या डॉ. खूबचंद बघेल “कृषक रत्न" पुरस्कार के आधिकारिक वेबसाइट, या agriportal.cg.nic.in पर जाकर भी आवेदन कर सकते है.
प्रगतिशील किसान सत्यवान ने इस तरह की खेती से कमाया बेहतरीन मुनाफा

प्रगतिशील किसान सत्यवान ने इस तरह की खेती से कमाया बेहतरीन मुनाफा

आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि सफल किसान की इस सीरीज में आज हम आपको दिल्ली के एक ऐसे किसान की कहानी बताने जा रहे हैं, जो जैविक तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से लाखों में मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। भारत में जहां एक तरफ खेती में जमकर रसायनों का उपयोग किया जा रहा है, तो वहीं आज भी कुछ किसान ऐसे हैं जो जैविक तथा प्राकृतिक खेती के माध्यम से शानदार मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। बतादें, कि इन्हीं में से एक प्रगतिशील किसान सत्यवान भी है। वर्तमान में सत्यवान खेती तथा डेयरी फार्मिंग की सहायता से लाखों रुपये की आमदनी कमा रहे हैं।

किसान को केवल शानदार भूमि ही मालामाल बना सकती है 

आपकी जानकारी के लिए बतादें, कि प्रगतिशील किसान सत्यवान का कहना है, कि वह दिल्ली के दरियापुर कलां गांव के मूल निवासी हैं। साथ ही, यह प्राकृतिक खेती के जरिए लाखों की आय अर्जित कर रहे हैं। सत्यवान खेती के अतिरिक्त देसी गाय का भी पालन करते हैं। वह अंतर फसलें भी उगा रहे हैं, जिसकी वजह से आज कृषकों के लिए एक उदाहरण भी बन गए हैं। सत्यवान का कहना है, कि 'यदि धरती बलवान होगी तो किसान धनवान होगा', इससे उनका तात्पर्य यह है, कि ज्यादा कीटनाशकों के इस्तेमाल की वजह हमारी मृदा पूर्णतय जीवांश रहित हो चुकी है। बतादें, कि इस वजह से फसलों में बीमारियां लगनी शुरू हो गई हैं।

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किसान अपनी 20 एकड़ जमीन में खेती करता है 

उन्होंने बताया कि, वह 5 एकड़ खेत में सिर्फ प्राकृतिक खेती ही करते हैं और उनके पास समकुल जोत के लिए 20 एकड़ भूमि है। सत्यवान धान, गेहूं, गन्ना और मटर सहित अन्य विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती करते हैं। इसके अतिरिक्त वह अपने खेत में सब्जियों की नर्सरी भी तैयार करते हैं, जिसे शानदार कीमतों में कृषकों को बेच देते हैं।
मैना चौधरी बागवानी के क्षेत्र में बनीं महिलाओं के लिए मिशाल

मैना चौधरी बागवानी के क्षेत्र में बनीं महिलाओं के लिए मिशाल

हरियाणा राज्य के पंचकूला की मैना चौधरी विगत 25 वर्षों से खेती करती आ रही हैं। साथ ही, उन्होंने बागवानी के क्षेत्र में काफी नाम रोशन किया है। प्रगत व उन्नत विधियों के माध्यम से सब्जी की खेती कर आज मैना चौधरी खूब मोटी आमदनी कमा रही हैं। खेती-किसानी में महिलाओं की हिस्सेदारी काफी बढ़ती जा रही है। हालाँकि, महिलाएं पूर्व से ही कृषि कार्यों में अपने परिवार में सहयोग करती थीं। परंतु, आज पूर्ण जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ महिलाऐं खेती की दशा एवं दिशा को बदल रही हैं। आपको बतादें कि ऐसी ही महिला किसानों में हरियाणा के पंचकूला की किसान मैना चौधरी भी शम्मिलित हैं। मैना चौधरी आज सीजनल एवं ऑफ सीजनल सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। इस कार्य में मैना चौधरी को बागवानी विभाग का भी पूरा सहयोग और मदद मिलती है।

शौक के रूप में खेती से कमा रही मुनाफा

आज के समय मैना चौधरी उन महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत और मिशाल बन रही हैं, जो बागवानी में अपने बल पर कुछ करना चाहती है। मैना चौधरी को आरंभ से ही खेती किसानी का बेहद शौक था। इसी शौक को 25 वर्ष पूर्व अपने कार्य में परिवर्तित क दिया। मैना चौधरी का कहना है, कि हम खेती के क्षेत्र में बहुत कुछ नवीन कर सकते हैं। अपने नवाचारों को लेकर किसान भाई-बहनों को आगे बढ़ना चाहिए। यदि सही तरीका मालूम हो तो किसान बहनें भी हर प्रकार की फसल से मोटा और अच्छा खासा उत्पादन उठा सकती हैं।

मैना चौधरी मौसमी और गैर मौसमी दोनों तरह की सब्जियां उगाती हैं

यह कोई जरूरी नहीं कि नकदी फसलों के द्वारा ही अच्छा मुनाफा कमाया जाता हो। आज के दौर में किसान करेला, टमाटर, लौकी, तोरई, खीरा जैसी सब्जी की फसलों की आधुनिक खेती करके उत्तम पैदावार प्राप्त कर रहे हैं। मैना चौधरी भी हर प्रकार की मौसम-बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इनका ध्यान केवल वर्षभर खाई जाने वाली सब्जियों की पैदावार पर होता है। बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए मैना चौधरी द्वारा पॉलीहाउस भी स्थापित किया जाएगा। अब सब्जियों का विक्रय करने हेतु बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ता, बल्कि ये थोक में ही बिक जाती है।

बागवानी विभाग की तरफ से भी मिलती है मदद

मैना चौधरी का कहना है, कि उन्हें बागवानी विभाग से भरपूर सहायता प्राप्त हो रही है। बागवानी विभाग की टीम कई बार उनके खेत पर मुआयना करने आती रहती है। उन्हें वक्त-वक्त पर नई योजनाओं के बारे में जानकारी भी प्रदान की जाती हैं। इन योजनाओं में आवेदन करके मैना चौधरी को खूब लाभ भी हुआ है। इससे बागवानी के खर्चे को कम करने में सहायता प्राप्त होती है। मैना चौधरी द्वारा अपने खेतों पर सब्जियों सहित नींबू एवं अनार के वृक्ष भी रोपे गए हैं। वो कहती हैं, कि उचित फसल का चयन करके किसान भाई मोटा मुनाफा उठा सकते हैं।